सामुदायिक संगठनों को प्रभावित करने वाले विदेशी हस्तक्षेप के उदाहरण

सामुदायिक संगठन, समुदायों को सपोर्ट करने और उन्हें आकार देने, निर्णयों को प्रभावित करने और विविध समूहों को जोड़ने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सामुदायिक संगठनों के विस्तृत नेटवर्क और विश्वसनीय संबंध, उन्हें सामुदायिक नेतृत्व और सहभागिता में अहम हितधारक बनाते हैं।

गुप्त, उत्पीड़क, धोखाधड़ी या भ्रष्ट गतिविधियों के माध्यम से निशाना बनाने वाला विदेशी हस्तक्षेप, संगठनों की स्वतंत्रता को कम कर सकता है, सामुदायिक भरोसे और सामाजिक जुड़ाव को क्षीण बना सकता है।

इससे संगठन के साथ व्यापक समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा, अभिव्यक्ति और सहभागिता की स्वतंत्रता को भी खतरा हो सकता है।

विदेशी हस्तक्षेप करने वाले विदेशी देश न्यूजीलैंड में सामुदायिक संगठनों को किस प्रकार निशाना बना सकते हैं और आप इसके विरूद्ध कैसे सुरक्षा कर सकते हैं इसके बारे में अधिक जानें

विदेशी हस्तक्षेप किसी सामुदायिक संगठन को किस प्रकार प्रभावित कर सकता है, इसके तीन उदाहरण नीचे दिए गए हैं। इन उदाहरणों में, "विदेशी देश" का अर्थ न्यूज़ीलैंड के अलावा कोई भी अन्य देश है।

ये उदाहरण मल्टीकल्चरल न्यूज़ीलैंड - द न्यूज़ीलैंड फ़ेडरेशन ऑफ़ मल्टीकल्चरल काउंसिल्स द्वारा मिनिस्ट्री फ़ॉर एथनिक कम्युनिटीज (जातीय समुदायों के मंत्रालय) के साथ साझा की गई जानकारी पर आधारित हैं। इस संसाधन, तथा ‘विदेशी हस्तक्षेप से अपने सामुदायिक संगठन की सुरक्षा करना’ संसाधन में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए हम उनको धन्यवाद देते हैं।

नीचे दिए गए उदाहरण काल्पनिक परिदृश्य हैं जिनमें वर्णित गतिविधियों को क्राइम्स एक्ट 1961 के अंतर्गत विदेशी हस्तक्षेप माना जा सकता है।

यह सामान्य जानकारी है। यह सिर्फ़ आपकी समझ के लिए है और यह कानूनी सलाह नहीं है। विशिष्ट कानूनी सलाह के लिए, किसी सुयोग्य कानूनी पेशेवर से बात करें।

उदाहरण 1: बोर्ड के नवनिर्वाचित सदस्य किसी विदेशी देश की ओर से काम कर रहे हैं

एक सामुदायिक संगठन हर दो वर्ष पर बोर्ड का चुनाव आयोजित कराता है। अभियान चलाने और सामुदायिक सहभागिता के बाद दो नए सदस्य चुने गए।

अपने चुने जाने के बाद, इन दोनों सदस्यों ने अपने मूल देश की सरकार के लिए प्रॉक्सी (प्रतिनिधि) के रूप में कार्य किया। उन्होंने विदेशी देश की सरकार के निर्देशों पर कार्य किया, और इस संपर्क को संगठन से जानबूझकर छिपाया।

दोनों सदस्यों ने ऐसे कुछ सामुदायिक मामलों को जानबूझकर दबाने का प्रयास किया, जो विदेशी देश के हितों के विरूद्ध थे। उन्होंने अपने कार्यों को सामान्य सांगठनिक निर्णय प्रक्रिया की तरह दिखाया, लेकिन वे छिपे रूप में विदेशी सरकार के हितों के लिए प्रयास कर रहे थे। उन्होंने बोर्ड के अन्य सहमत सदस्यों पर भी दबाव डाला और विदेशी सरकार के अनुरूप विचारों को बढ़ावा दिया।

जब बोर्ड के अन्य सदस्यों ने कहा कि वे समुदाय के लोगों के विचार प्रकट कर रहे हैं, तो दोनों सदस्यों ने उन्हें चुनौती दी और पूछा, “वे कौन हैं?” और उन सामुदायिक सदस्यों के बारे में निजी जानकारी की मांग की। इस संदेह के कारण कि नए सदस्य विदेशी देश के लिए प्रॉक्सी के रूप में काम कर रहे हो सकते हैं, बोर्ड के दूसरे सदस्यों ने यह जानकारी नहीं दी।

बोर्ड की बैठक में विवादित मुद्दों पर चर्चा के बाद अन्य बोर्ड सदस्यों को सोशल मीडिया पर अनजान धमकियां मिलने के बाद संगठन को संदेह हुआ कि नए सदस्य अन्य देश को रिपोर्ट कर रहे थे। ये बैठकें सार्वजनिक या सामुदायिक सदस्यों के लिए खुली नहीं थीं, और जिस जानकारी पर चर्चा हुई थी, वह सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई थी।

एक विदेशी देश ने संगठन के आंतरिक फैसलों में अप्रकट रूप से हस्तक्षेप करने और विदेशी देश के हितों से अलग विचारों को दबाने के लिए प्रॉक्सी का उपयोग किया।

जानबूझकर जनमत दबाने के प्रयास, समुदाय की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कम करते हैं।

निजी जानकारी की मांग से समुदाय के सदस्यों की सुरक्षा पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

प्रॉक्सी या प्रॉक्सीज़’ ऐसे व्यक्ति या समूह होते हैं, जो प्राय: न्यूज़ीलैंड में स्थित होते हैं, लेकिन किसी विदेशी देश की ओर से कार्य करते हुए सुरक्षा संबंधी चिंताजनक गतिविधियाँ करते हैं।

उदाहरण 2: सामुदायिक आयोजन में कौन भाग ले सकता है, इसे नियंत्रित करने का प्रयास

न्यूज़ीलैंड में विरासत, पहचान और सामुदायिक इतिहास का जश्न मनाने के लिए एक सामुदायिक संगठन अपना वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव आयोजित कर रहा था।

एक विदेशी सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए ज्ञात एक व्यक्ति ने कार्यक्रम के आयोजक पर दबाव डाला कि वे समुदाय के ऐसे विशिष्ट सदस्यों को बाहर रखें जिनके विचार “देश के हितों के विरूद्ध” माने जाते थे।

उस व्यक्ति ने चेतावनी दी कि अगर आयोजकों ने यह बात नहीं मानी, तो वे प्रभावशाली सामुदायिक नेताओं से संपर्क करके संगठन की सार्वजनिक आलोचना करेंगे, नकारात्मक संदेश फैलाएंगे, और समुदाय में संगठन की पहचान और विश्वसनीयता को कमज़ोर बनाएंगे।

विदेशी देश को पता था कि इससे न्यूज़ीलैंड सरकार की एजेंसियों और दूसरे वित्तपोषक संगठनों से वित्तपोषण प्राप्त करने की संगठन की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

संगठन ने पाया कि उसके समावेशी मूल्यों के विरूद्ध कार्य करने हेतु विवश करने, तथा उसके निर्णयों में हस्तक्षेप करने के लिए इन धमकियों का उपयोग किया जा रहा था। संगठन ने व्यक्तियों को बाहर करने से मना कर दिया, लेकिन उन्हें उनकी प्रतिष्ठा को होने वाले नुकसान की चिंता थी।

एक विदेशी देश ने संगठन के समावेशी मूल्यों के विपरीत निर्णय लेने हेतु उसे विवश करने के लिए उत्पीड़न और बदनामी करने की धमकियों के सहारे सामुदायिक भागीदारी को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

विदेशी सरकार ने अपने लक्ष्य पूरे करने के उदेश्य से सामुदायिक संगठन में हस्तक्षेप किया, और उनके बदले की कार्यवाही के खतरे ने संगठन को न्यूज़ीलैंड के समाज में संपूर्ण सहभागिता देने में बाधा पहुंचाई।

उदाहरण 3: सामुदायिक सदस्यों की निजी जानकारी प्राप्त करने के लिए वित्तपोषण और उपहारों का उपयोग करना

एक नए सामुदायिक संगठन ने अपने समुदाय में अपनी पहचान और प्रभाव बढ़ाना शुरू किया।

उन्हें उनके मूल देश के दूतावास ने मिलने के लिए बुलाया जिसे उन्होंने मान लिया। उन्हें खुशी हुई कि उनके काम को पहचान मिल रही है और उन्हें लगा कि दूतावास के साथ संबंध अच्छे बनाने का एक बेहतरीन अवसर है।

बैठक में, उन्हें संगठन के लिए निरंतर वित्तीय सहयोग और सदस्यों के लिए व्यक्तिगत रूप से उपहार प्रस्तावित किए गए। संगठन की गतिविधियों के लिए उनको दूतावास की तरफ़ से सार्वजनिक सहयोग भी प्रस्तावित किया गया। दूतावास से अपने काम को मिली पहचान और प्रोत्साहन के लिए सामुदायिक संगठन ने आभार प्रकट किया। समय के साथ, संगठन की कुछ गतिविधियों वित्तीय सहायता पर निर्भर हो गईं।

छह महीने पश्चात, दूतावास ने ऐसे सामुदायिक सदस्यों के बारे में निजी जानकारी मांगी जिनके साथ संगठन काम करता था, और कहा कि दी गई सहायता के बदले संगठन को उनका "एहसान चुकाना चाहिए" ।

निजी जानकारी देने के लिए संगठन को विवश किया गया और धमकाया गया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। दूतावास से समर्थन मिलना बंद हो गया, जिससे संगठन की कुछ गतिविधियों पर प्रभाव पड़ा।

एक विदेशी देश ने वित्तपोषण और उपहारों का उपयोग करके एक संगठन को सायास प्रभावित किया, और फिर सामुदायिक सदस्यों की निजी संवेदनशील जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया।

यह विदेशी देश द्वारा जानकारी एकत्रित करने, तथा उसके अपने प्रयोजनों हेतु संगठन के निर्णयों में हस्तक्षेप करने के लिए एक उत्पीड़नकारी प्रयास था।

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