मूल देश में वापसी का दबाव Pressure to return to country of origin
कोएर्सेड रेपटरिएशन (बलपूर्वक स्वदेश प्रेषण)
विदेशी हस्तक्षेप करने वाले विदेशी देश, लोगों को उनकी इच्छा के विरुद्ध न्यूज़ीलैंड छोड़ने या मूल देश लौटने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर सकते हैं। इसे कोएर्सेड रेपटरिएशन (बलपूर्वक स्वदेश प्रेषण) कहते हैं।
ऐसा करने के लिए विदेशी देश यह कर सकता है:
- आवाजाही प्रतिबंधित करने, तथा लोगों पर उनके मूल देश में वापसी का दबाव बनाने के लिए, उनके परिवार या साथियों पर यात्रा प्रतिबंध लगाना।
- उनके मूल देश में वित्तीय संपत्तियों को फ्रीज करना (रोक लगाना)
- उनके मूल देश में परिवार, मित्रों या साथियों को परेशान या डराना-धमकाना, या उस व्यक्ति को वापसी के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उन पर दबाव डालना।
यह याद रखना ज़रूरी है कि ज़्यादातर लोग बलपूर्वक स्वदेश प्रेषण का अनुभव नहीं करते, चाहे वे विदेशी हस्तक्षेप का शिकार हों।
प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन)
प्रत्यर्पण क्या है?
प्रत्यर्पण, देशों के बीच एक औपचारिक कानूनी प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत किसी व्यक्ति को आपराधिक आरोपों का सामना करने या सज़ा काटने के लिए दूसरे भेजा जाता है। न्यूज़ीलैंड की प्रत्यर्पण प्रक्रिया, एक्सट्रैडिशन एक्ट 1999 में वर्णित है।
कानूनी प्रत्यर्पण विदेशी हस्तक्षेप नहीं है।
प्रत्यर्पण का अनुरोध कब किया जा सकता है
अगर किसी व्यक्ति के विरूद्ध उनके देश में आपराधिक आरोप हैं, या उन्होंने अपनी सज़ा पूरी नहीं की है, तो वह देश, उस व्यक्ति के वर्तमान निवास वाले देश से प्रत्यर्पण अनुरोध कर सकता है।
प्रत्यर्पण का अनुरोध करने वाला देश किसी अंतर्राष्ट्रीय संधि या दूसरे देश के घरेलू कानून के आधार पर ऐसा कर सकता है। प्रत्यर्पण कानून के अंतर्गत न्यूज़ीलैंड से प्रत्यर्पण का अनुरोध करने के लिए विदेशी देश से संधि होना जरूरी नहीं है।
प्रत्यर्पण का अनुरोध एक आवेदन है जो संलिप्त व्यक्ति को उसके मूल देश में कानूनी कार्यवाही या सज़ा जारी रखने के लिए गिरफ्तार करके वापस भेजने के लिए किया जाता है।
प्रत्यर्पण अनुरोधों पर न्यूज़ीलैंड किस प्रकार कार्यवाही करता है
न्यूज़ीलैंड में, अन्य देशों के प्रत्यर्पण अनुरोधों पर सरकार और न्यायालय द्वारा विचार किया जाता है।
न्यूज़ीलैंड के कानून के मुताबिक, अगर प्रत्यर्पण अनुरोध को राजनैतिक उत्पीड़न के लिए उपयोग किया जा रहा है, तो अधिकारियों को उसे मना कर देना चाहिए।
यदि उस व्यक्ति को उसकी नस्ल, जातीय मूल, धर्म, राष्ट्रीयता, लिंग, या अन्य प्रस्थिति, या राजनीतिक विचारों या राजनीतिक प्रकृति के किसी अपराध (जैसे किसी के राजनीतिक विचारों या गतिविधियों से संबंधित) होने के कारण सज़ा देने के लिए अभियोजित किया जा रहा हो, तो वह भी इसके दायरे में आता है।
न्यूज़ीलैंड किसी दूसरे देश के प्रत्यर्पण अनुरोध को तब भी मना कर सकता है यदि उस व्यक्ति के विरूद्ध आरोप सद्भावपूर्वक नहीं लगाए गए हैं और वह न्याय के हित में न हो। समस्त परिस्थितियों को देखते हुए भी मामले में मना किया जा सकता है अगर उस व्यक्ति को वापस भेजना अनुचित या दमनकारी प्रतीत होता हो।
न्यूज़ीलैंड में प्रत्यर्पण पर किस प्रकार कार्यवाही की जाती है
अगर किसी दूसरे देश से वैध गिरफ्तारी वारंट या आपराधिक अभियोग है, तो न्यूज़ीलैंड सरकार आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रक्रिया के ज़रिए प्रत्यर्पण पर कार्यवाही करती है। प्रत्यर्पण कार्यवाही के अंतर्गत विदेशी अधिकारी न्यूज़ीलैंड में लोगों को गिरफ्तार, निरूद्ध या उनसे संपर्क नहीं कर सकते।
सहायता कहाँ से प्राप्त करें
कानूनी प्रतिनिधित्व और सलाह
सरकारी विभाग, प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर कार्यवाही करते हैं, लेकिन वे लोगों को कानूनी सलाह नहीं दे सकते।
इसका अर्थ है कि प्रत्यर्पण अनुरोध का सामना करने वाले व्यक्ति को प्रत्यर्पण, मानवाधिकारों और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के विशेषज्ञ किसी वकील से संपर्क करना चाहिए।
न्यूज़ीलैंड में उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में यहाँ अधिक जानें।